"अनंगरंग" शब्द का अर्थ है या 'अशरीरी का मंच'। इसकी रचना कवि कल्याण मल्ल ने दिल्ली के लोदी वंश से संबंधित अहमद खान लोदी के पुत्र लाड खान के मनोरंजन के लिए की थी। यह ग्रंथ उस समय लिखा गया था जब मध्यकालीन भारत में कामशास्त्र (इरोटिक साइंस) की परंपरा को नए दृष्टिकोण से संकलित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
15वीं या 16वीं शताब्दी में कल्याण मल्ल द्वारा रचित एक प्राचीन भारतीय संस्कृत ग्रंथ है, जिसे अक्सर कामसूत्र के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है। इस ग्रंथ का मुख्य उद्देश्य वैवाहिक जीवन में प्रेम और शारीरिक सुख को बनाए रखना है ताकि पति-पत्नी के बीच अलगाव को रोका जा सके। ananga ranga in hindi pdf
2. मुख्य उद्देश्य: वैवाहिक सुख का संरक्षण ananga ranga in hindi pdf
3. ग्रंथ की संरचना और प्रमुख अध्याय ananga ranga in hindi pdf
कामसूत्र के विपरीत, जो व्यापक सामाजिक और कामुक पहलुओं पर चर्चा करता है, अनंगरंग विशेष रूप से के लिए एक मार्गदर्शिका है। लेखक का मानना था कि विवाह में नीरसता ही अलगाव का मुख्य कारण है।
ग्रंथ में बताया गया है कि पति अपनी पत्नी के साथ 32 अलग-अलग तरीकों से सुख प्राप्त कर सकता है, जिससे प्रेम हमेशा नया बना रहता है।
1. ग्रंथ का परिचय और इतिहास